Kuch bhee ho sakta hai..
जीना इसी का नाम है.
Monday, November 23, 2015
Thursday, July 2, 2015
maddhaya pradesh (meher devi yatra)
हेलो दोस्तों काफी दिनों बाद आज ऑफिस से फुर्सत मिलने के बाद थोड़ा घूमने का प्रोग्राम बनाया ,क्या करे यार पैसा भी जाऊरी है लाइफ में।
आज फैमिली के साथ मध्य प्रदेश में मैहर देवी माँ जी का मंदिर है ,जो काफी प्रमुख देवी स्थल में जाना जाता है,ये सख्ती पीठ भी है,मैहर जी के नाम पे ही यहाँ का रेलवे स्टेशन भी बना है,स्टेशन से थोड़ी दूर पे ही माता जी का मंदिर है,माँ का मंदिर कवि उचाई पे बिराजमान है, आस पड़ोस दूर दूर तक कुछ नहीं कोई भी पहाड़ी नहीं, . दूर से ही पहाड़ो वाली माता का मंदिर दिखने लगता है, १२ महीना श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, यहाँ लोगो को देख कर लगता है की हर आदमी दुखी है सुब अपने अपने दुखो के लिए आरजी लगाने आये है .
आज फैमिली के साथ मध्य प्रदेश में मैहर देवी माँ जी का मंदिर है ,जो काफी प्रमुख देवी स्थल में जाना जाता है,ये सख्ती पीठ भी है,मैहर जी के नाम पे ही यहाँ का रेलवे स्टेशन भी बना है,स्टेशन से थोड़ी दूर पे ही माता जी का मंदिर है,माँ का मंदिर कवि उचाई पे बिराजमान है, आस पड़ोस दूर दूर तक कुछ नहीं कोई भी पहाड़ी नहीं, . दूर से ही पहाड़ो वाली माता का मंदिर दिखने लगता है, १२ महीना श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, यहाँ लोगो को देख कर लगता है की हर आदमी दुखी है सुब अपने अपने दुखो के लिए आरजी लगाने आये है .
Monday, December 15, 2014
उम्मीदों की सड़क नहीं मिलती , खुशियों का आसमां नहीं मिलता
यहाँ किसी को अपने , सपनों का जहां नहीं मिलता ?
तुम कहते हो, क्यूँ मरे जा रहें हो ?
प्यारे इस महंगाई में, जिन्दा रहने का, "सस्ता" सामान नहीं मिलता |
देर तक जिन्दा रहते है अक्सर वो , जिनकी मौत का इंतजार होता है सब को
और जिस का इंतजार होता है घर पर रात भर ,सुबह तक वो इंसान नहीं मिलता |
कहतें है आदमी की जान का दुश्मन, खुद आदमी है यहाँ
पर किसी शख्स के चेहरे पर, खतरे का निशान नहीं मिलता ?
गम मुकम्मल मिलतें है , दर्द मुकम्मल मिलतें है
बस मुक्कमल ईमान नहीं मिलता |
मैं लिख देती हूँ चाँद , तारें, किसी की भी जिन्दगी में
पर मुझे दो वक्त की रोटी का, इनाम नहीं मिलता ||
उम्मीदों की सड़क नहीं मिलती , खुशियों का आसमां नहीं मिलता
यहाँ किसी को अपने , सपनों का जहां नहीं मिलता
यहाँ किसी को अपने , सपनों का जहां नहीं मिलता ?
तुम कहते हो, क्यूँ मरे जा रहें हो ?
प्यारे इस महंगाई में, जिन्दा रहने का, "सस्ता" सामान नहीं मिलता |
देर तक जिन्दा रहते है अक्सर वो , जिनकी मौत का इंतजार होता है सब को
और जिस का इंतजार होता है घर पर रात भर ,सुबह तक वो इंसान नहीं मिलता |
कहतें है आदमी की जान का दुश्मन, खुद आदमी है यहाँ
पर किसी शख्स के चेहरे पर, खतरे का निशान नहीं मिलता ?
गम मुकम्मल मिलतें है , दर्द मुकम्मल मिलतें है
बस मुक्कमल ईमान नहीं मिलता |
मैं लिख देती हूँ चाँद , तारें, किसी की भी जिन्दगी में
पर मुझे दो वक्त की रोटी का, इनाम नहीं मिलता ||
उम्मीदों की सड़क नहीं मिलती , खुशियों का आसमां नहीं मिलता
यहाँ किसी को अपने , सपनों का जहां नहीं मिलता
2- Kitabo k pnno ko palat k sochta hu,
Yu palat jaye meri zindagi to kya baat hai Khwabo me roz milte hai jo,
Aaj hkikat me mil jaye to kya baat hai Kuch matlab k liye dhundte hai mujhe,
Bin matlb koi aaye to kya bat hai Katl krke to sab le jaynge dil mera,
Koi bato se le jaye to kya baat hai, jo sharifo ki shrafat me bat na ho,
Ek sharabi keh jaye to kya bat hai. Apne jinda rhne tk to khushi dunga sbko,
Jo kisi ko meri maut khush kar jaye to kya Baat Hai..!!
Thursday, November 27, 2014
कुँए में उतरने वाली बाल्टी यदि झुकती है,
तो भरकर बाहर आती है...
जीवन का भी यही गणित है,
जो झुकता है वह
प्राप्त करता है...
जीवन में किसी का भला करोगे,
तो लाभ होगा...
क्योंकि ' भला ' का उल्टा ' लाभ ' होता है ।
और
जीवन में किसी पर दया करोगे,
तो वो याद करेगा...
क्योंकि ' दया ' का उल्टा ' याद ' होता है ।
भरी जेब ने ' दुनिया ' की पहचान करवाई और
खाली जेब ने ' इन्सानो ' की ।
यहाँ सब कुछ बिकता है , दोस्तों रहना जरा संभाल
के !!!
बेचने वाले हवा भी बेच देते है , गुब्बारों में डाल के !!!
सच बिकता है , झूठ बिकता है, बिकती है हर
कहानी !!!
तीन लोक में फैला है , फिर भी बिकता है बोतल में
पानी !!!
कभी फूलों की तरह मत जीना,
जिस दिन खिलोगे... टूट कर बिखर जाओगे
जी
ना है तो पत्थर की तरह जियो;
जिस दिन तराशे गए... "खुदा" बन जाओग
तो भरकर बाहर आती है...
जीवन का भी यही गणित है,
जो झुकता है वह
प्राप्त करता है...
जीवन में किसी का भला करोगे,
तो लाभ होगा...
क्योंकि ' भला ' का उल्टा ' लाभ ' होता है ।
और
जीवन में किसी पर दया करोगे,
तो वो याद करेगा...
क्योंकि ' दया ' का उल्टा ' याद ' होता है ।
भरी जेब ने ' दुनिया ' की पहचान करवाई और
खाली जेब ने ' इन्सानो ' की ।
यहाँ सब कुछ बिकता है , दोस्तों रहना जरा संभाल
के !!!
बेचने वाले हवा भी बेच देते है , गुब्बारों में डाल के !!!
सच बिकता है , झूठ बिकता है, बिकती है हर
कहानी !!!
तीन लोक में फैला है , फिर भी बिकता है बोतल में
पानी !!!
कभी फूलों की तरह मत जीना,
जिस दिन खिलोगे... टूट कर बिखर जाओगे
जी
ना है तो पत्थर की तरह जियो;
जिस दिन तराशे गए... "खुदा" बन जाओग
Monday, November 24, 2014
नमस्ते दोस्तों , आज जा केर फुर्सत मिली कुछ दिल की बात बता सकु और आप की सून सकु।
मैं पेशे से एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर मैनेजर की पोस्ट पे कार्यरत हूँ और लखनऊ (उत्तर प्रदेश ) में रहता हूँ !
अपने काम की वजह से मेरी ज़िन्दगी काफी व्यस्त है, पर इस व्यस्त ज़िन्दगी से
थोड़ा समय निकाल कर मौका मिलते ही कहीं घूमने चला जाता हूँ ! घूमने का
सिलसिला काफी दिनों से चल रहा है ,बाकी आगे देखते है ये ज़िंदगी मुझे कहाँ-2 ले जाती है !
पहाड़ी इलाक़े मेरी पसंदीदा जगह है, उत्तरांचल और हिमाचल,महाराष्ट्र ,मध्या प्रदेश ,जम्मू काश्मीर,राजेशस्थान, हरियाणा, में कई जगह घूम
चुका हूँ पर अभी भी कई जगहें है जहाँ मुझे घूमना है ! ब्लॉगर पर लेख
पढ़ते हुए ही मुझे भी लिखने की इच्छा हुई और तभी से अपनी यात्राओं का वर्णन
आप लोगों से साझा कर रहा हूँ ! उम्मीद करता हूँ कि आप लोगों का सहयोग और
स्नेह ऐसे ही लगातार मिलता रहेगा !
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